The Power of Silence – खामोशी की ताकत: कम बोलने वालों के अंदर छिपी हुई असाधारण खूबियाँ
The Power of Silence – कम बोलना यह हमारे समाज में एक गुनाह के तौर पर देखा जाता है। कम बोलने वाले बंदे को कई लोग थोड़े बेवकूफ समझ लेते हैं। कहते हैं अरे उसे तो बोलना भी नहीं आता। कितना कम बातें करता है। बिल्कुल ही चुपचाप रहता है। यहां तक कि उसके दोस्त भी कई बार उसके खामोशी से बोर हो जाते हैं। जिसके कारण उसके ज्यादा दोस्त भी नहीं होते। लेकिन वह बंदा अपने आप में ही मस्त रहता है। उसे किसी की जरूरत नहीं है। वह अपनी खामोशी से ही खुश है क्योंकि उसे उस खामोशी की ताकत पता है। उसकी असली कीमत पता है। वह खामोश रहकर अपने अंदर की शक्ति बढ़ा रहा होता है जिसे दूसरे नोटिस नहीं कर पाते क्योंकि कम बोलने वाले लोगों में जो ताकत और जो खूबी होती है वह ज्यादा बोलने वाले लोगों में नहीं होती। हम उसी खूबियों के बारे में बात करेंगे जिसको जानने के बाद आपको भी खामोशी में मजा आने लगेगा और आप भी कम बातें करने पर मजबूर हो जाओगे। The Power of Silence
अच्छे श्रोता
कम बातें करने वाले लोग अक्सर दूसरों की बातों को बहुत अच्छे से सुनते हैं और उनके विचारों और भावनाओं को समझने के लिए समय निकालते हैं। उन्हें खुद बोलने की जल्दी नहीं होती है। इसलिए वह दूसरों की बातों को गहराई से समझ पाते हैं और क्योंकि वह दूसरों की बातों पर ज्यादा गौर करते हैं इसलिए उनमें नॉलेज भी कुछ ज्यादा ही होता है। The Power of Silence
अनुमान लगाने में मुश्किल
कम बोलने वाले लोगों की कमजोरी हमेशा छिपी रहती है क्योंकि किसी भी इंसान की ताकत और कमजोरियों का पता तभी चल पाता है जब वो ज्यादा से ज्यादा बातें करते हैं और इसलिए कम बातें करने वाले लोग अपनी कमजोरियों को छुपाने में आसानी से कामयाब हो जाते हैं क्योंकि वह अपने अंदर की राज किसी को बताते ही नहीं है जबकि वहीं पर ज्यादा बात करने वाले लोग फ्लो फ्लो में कुछ भी बोल जाते हैं जिसके कारण उनकी कमजोरी लोगों के सामने आ जाती है और इसके अलावा ज्यादा बात करते-करते वह कभी कभी-कभी कुछ उल्टा-पुल्टा भी बोल जाते हैं जिसका खामियाजा उन्हें बाद में भुगतना पड़ता है। The Power of Silence

महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सक्षम
कम बातें करने वालों की एक और खूबी यह भी होती है कि वह कोई भी राज की बात जल्दी किसी को नहीं बताते। इसलिए आप बेधड़क होकर इनसे कोई भी बातें शेयर कर सकते हो। यह बातों की गंभीरता को समझते हैं। लोगों की भावनाओं को अच्छे से विश्लेषण करते हैं और अक्सर महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सक्षम होते हैं और यह अपनी गलतियों से सीखने में भी सक्षम होते हैं क्योंकि वह अक्सर अपने निर्णयों का मूल्यांकन करते हैं और भविष्य में बेहतर निर्णय लेने की कोशिश करते हैं। The Power of Silence

कम बोलने वाले के बारे में कुछ महत्वपूर्ण पक्ष
1 कम बातें करने वाले लोग कहने में नहीं करने में विश्वास रखते हैं। अक्सर आपने देखा होगा कि जो लोग शांत रहते हैं, वह अपने सक्सेस से यानी कि अपने काम के रिजल्ट से सबको चौंका देते हैं क्योंकि वह काम करने से पहले ही उसका बखान नहीं करते। वह बिल्कुल शांत रहते हैं, खामोश मेहनत करते हैं और सफल हो जाते हैं। ऐसे लोगों के सक्सेस के चांसेस भी ज्यादा होते हैं क्योंकि ऐसे लोग अपने एनर्जी बातों पर वेस्ट नहीं करते बल्कि अपने काम पर फोकस करते हैं। The Power of Silence
2 हालांकि कम बोलने वाले लोगों को समझना थोड़ा कठिन होता है। पर सच कहें तो यह लोग दिल के काफी अच्छे और सच्चे होते हैं। ऐसे लोग अपने जीवन का बहुत बड़ा समय केवल अपने लक्ष्य की ओर ही लगा देते हैं और ऐसे लोग ज्यादा सफल भी होते हैं क्योंकि इनके आसपास ध्यान भटकाने वाले लोग बहुत कम होते हैं। The Power of Silence
3 कम बातें करने वाले लोगों के लिए सबसे अच्छी बात यह भी है कि इनके घर वाले और परिवार वालों के साथ संबंध बहुत अच्छे होते हैं क्योंकि यह कभी भी किसी को कोई बुरा भला नहीं कहते और जल्दी किसी से लड़ते झगड़ते नहीं है और दूसरों की बुराई तो वह किसी के सामने कभी करते ही नहीं है। The Power of Silence
यह लोगों के साथ अधिक सार्थक संबंध बनाते हैं और अक्सर दूसरों के साथ समय बिताने और उनके साथ गहरी बातचीत करने का आनंद लेते हैं और इसके साथ-साथ ऐसे लोगों को तनाव भी बहुत कम होता है क्योंकि यह हमेशा अपने काम में ही खुश रहते हैं। तो बस यही है कुछ खूबियां जो कम बोलने वाले लोगों में हमेशा देखी जाती है। वैसे इनकी और भी कोई खासियत हो सकती है अब इंसान कुछ ज्यादा बोले भी तभी तो उनकी खूबियां और कमजोरियों को पता लगाया जाए। लेकिन ये तो ज्यादा बातें ही नहीं करते। इसलिए इनकी ताकत और कमजोरियों को समझ पाना लगभग मुश्किल है क्योंकि वो कहते हैं ना खामोशी छुपाती है कमजोरी और हुनर दोनों। शख्सियत का अंदाजा तो बातों से ही होता है। The Power of Silence






