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World Yogasana Championship – वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप में चुनी गई सोमेश्वर की ममता किरौला, लगन से हासिल की योग विज्ञान में महारत

सोमेश्वर ( अल्मोड़ा) – सोमेश्वर क्षेत्र के भैंसड़ गांव की बेटी ममता किरौला ने मेहनत और लगातार अभ्यास के दम पर बड़ी कामयाबी हासिल की है। ममता का चयन वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप के लिए हुआ है। इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार में खुशी का माहौल है, बल्कि पूरे गांव और जिले में गर्व की लहर है। ममता किरौला ने हाल ही में छठी राष्ट्रीय सीनियर बी योगासन चैंपियनशिप 2025 26 में शानदार प्रदर्शन किया। यह प्रतियोगिता 30 दिसंबर 2025 से 2 जनवरी 2026 तक महाराष्ट्र के संगमनेर में आयोजित हुई थी। देश के अलग अलग राज्यों से आए अनुभवी और मजबूत खिलाड़ियों के बीच ममता ने बेहतरीन संतुलन, आत्मविश्वास और तकनीक का प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। इसी प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन वर्ष 2026 में गुजरात में होने वाली वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप के लिए किया गया है। इस सफलता के बाद ममता के घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

गांव के लोग, रिश्तेदार और शुभचिंतक उनकी इस उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात बता रहे हैं। ममता की यह कामयाबी अल्मोड़ा ही नहीं बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए एक प्रेरणा बन गई है। ममता किरौला मूल रूप से भैंसड़ गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने योग की बारीकियां और उसका वैज्ञानिक अभ्यास योग विज्ञान विभाग, सोबन सिंह जीना परिसर अल्मोड़ा में सीखा। वहां उन्हें डॉ. नवीन भट्ट और डॉ. गिरीश सिंह अधिकारी का मार्गदर्शन मिला। ममता बताती हैं कि विश्वविद्यालय स्तर पर मिले इस प्रशिक्षण से उनकी तकनीक और आत्मविश्वास दोनों मजबूत हुए। अपनी सफलता का श्रेय देते हुए ममता ने अपने जीवनसाथी दलीप सिंह किरौला और अपने कोच व भाई प्राशु भैसोड़ा का खास तौर पर आभार जताया। ममता का कहना है कि हर कठिन दौर में उनके पति और कोच ने उनका हौसला बढ़ाया और आगे बढ़ने की ताकत दी। अनुशासन, नियमित अभ्यास और सही दिशा में किया गया प्रशिक्षण ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। कोच प्राशु भैसोड़ा की मेहनत और खिलाड़ियों पर केंद्रित प्रशिक्षण पद्धति ने ममता को राष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का मौका दिया। परिवार के सहयोग और गांव के लोगों के भरोसे ने भी ममता को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। ममता की यह उपलब्धि इस बात का उदाहरण है कि सीमित संसाधनों के बावजूद अगर इरादा मजबूत हो, सही मार्गदर्शन मिले और मेहनत लगातार की जाए, तो देवभूमि की बेटियां अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी देश और प्रदेश का नाम रोशन कर सकती हैं। अब पूरे उत्तराखंड की नजरें ममता पर टिकी हैं और सभी को उम्मीद है कि वह वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप में भी शानदार प्रदर्शन कर नया इतिहास रचेंगी।

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