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Uttarkashi – पहाड़ों में माइनस 11 डिग्री तक गिरा तापमान, गंगोत्री में जम गई गंगा

उत्तरकाशी- गंगोत्री धाम और आसपास के ऊंचे इलाकों में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह जकड़ लिया है। तापमान में तेज गिरावट के कारण गंगोत्री धाम में भागीरथी नदी और केदारगंगा नदी जम गई हैं। हालात ऐसे हैं कि कई जगह नदी का पानी बर्फ के नीचे दब गया है और केवल पतली धार के रूप में बहता नजर आ रहा है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार गंगोत्री क्षेत्र में तापमान लगातार शून्य से नीचे बना हुआ है। कई दिनों से न्यूनतम तापमान माइनस 11 डिग्री से भी नीचे जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि मौसम साफ रहने के बावजूद ठंड का असर और ज्यादा बढ़ गया है। दिन में तेज धूप निकल रही है, लेकिन धूप में भी हवा इतनी ठंडी है कि शरीर सुन्न होने लगता है। गंगोत्री नेशनल पार्क के अधिकारियों ने बताया कि इस समय भागीरथी और केदारगंगा दोनों नदियों की सतह पर मोटी बर्फ जम चुकी है। नदी का बहाव बर्फ के नीचे सिमट गया है और पानी छोटे नालों की तरह निकलता दिखाई दे रहा है। चारों ओर सफेदी और सन्नाटा पसरा हुआ है, जिससे पूरा इलाका बेहद कठोर सर्दी की चपेट में नजर आ रहा है। इस भीषण ठंड के बीच वन विभाग के कर्मचारी पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। माइनस तापमान में भी गंगोत्री नेशनल पार्क के कर्मचारी रोजाना ऊंचाई वाले इलाकों में गश्त कर रहे हैं। गोमुख, केदारताल और आसपास के दुर्गम क्षेत्रों तक पैदल पहुंचकर वन्य जीवों की निगरानी की जा रही है। समुद्र तल से तीन से चार हजार मीटर की ऊंचाई पर जाकर गश्त करना आसान नहीं है, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारी लगातार डटे हुए हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सर्दियों के मौसम में दुर्लभ वन्य जीवों की सुरक्षा सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। ठंड के कारण कई जंगली जानवर निचले इलाकों की ओर बढ़ सकते हैं या शिकारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसी वजह से पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है। कर्मचारी कई घंटे तक बर्फीली पगडंडियों पर चलकर गश्त कर रहे हैं और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार ठंड का असर कुछ ज्यादा ही दिखाई दे रहा है। बारिश या बर्फबारी न होने के बावजूद तापमान का इतना नीचे चला जाना चिंता बढ़ा रहा है। पानी के स्रोत जमने लगे हैं और रोजमर्रा के काम भी मुश्किल हो गए हैं। सुबह और शाम के समय बाहर निकलना बेहद कठिन हो गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में भी पहाड़ों में ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं। साफ आसमान और ठंडी हवाओं के चलते रात का तापमान और गिर सकता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने, गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जा रही है। गंगोत्री धाम में जमी नदियां इस बात का संकेत हैं कि पहाड़ों में सर्दी अपने चरम पर पहुंच चुकी है। आस्था, प्रकृति और संघर्ष की इस धरती पर ठंड ने जीवन को थाम जरूर लिया है, लेकिन कठिन हालात में भी डटे वनकर्मी और स्थानीय लोग अपनी जिम्मेदारी निभाते नजर आ रहे हैं।

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