उत्तराखंड-हिमाचल में कुदरत का कहर, हर तरफ तबाही
देशभर में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। पहाड़ों से लेकर मैदानों तक लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कहीं भूस्खलन ने सड़कें निगल ली हैं, तो कहीं अचानक आई बाढ़ ने लोगों की जिंदगी संकट में डाल दी है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा है, जबकि मौसम विभाग ने कई इलाकों में अभी और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
सबसे पहले बात करते हैं उत्तराखंड की। राजधानी देहरादून में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई सड़कें नदी का रूप ले चुकी हैं। जगह-जगह जलभराव होने से लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है। इस दौरान एक स्कूटी सवार तेज बहाव में बहने लगा। गनीमत रही कि आसपास मौजूद दो युवकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लगातार बारिश के कारण सौंग नदी समेत कई नदियां उफान पर हैं और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

अब रुख करते हैं जम्मू-कश्मीर का। राजौरी जिले में अचानक आई फ्लैश फ्लड ने अफरा-तफरी मचा दी। तेज बहाव के बीच नौ लोग फंस गए, जिनमें पांच मासूम बच्चे भी शामिल थे। सूचना मिलते ही भारतीय सेना ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। उफनती नदी के ऊपर रस्सियों की मदद से जवानों ने एक-एक कर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। तेज धारा, खराब मौसम और लगातार बढ़ते खतरे के बावजूद सेना के जवानों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए सभी की जान बचा ली। इस सफल अभियान की हर तरफ सराहना हो रही है।
जम्मू-कश्मीर के गुरेज़ इलाके में भी बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचा दी। अचानक पहाड़ों से पानी और मलबे का सैलाब नीचे आया, जिसने कई घरों, दुकानों और वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते सड़कें मलबे से भर गईं और कई गाड़ियां पूरी तरह दब गईं। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका मलबे और पानी से भर गया। इस भयावह मंजर को जिसने भी देखा, उसकी रूह कांप उठी।

हिमाचल प्रदेश में भी हालात सामान्य नहीं हैं। लगातार बारिश के चलते कई जिलों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। राजधानी शिमला से सामने आए वीडियो में पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर सड़क पर गिरता दिखाई देता है। विशाल चट्टानें और पत्थर तेज गति से नीचे लुढ़कते नजर आते हैं। इस घटना के बाद कई प्रमुख सड़कें बंद हो गईं, जिससे अनेक गांवों का संपर्क टूट गया। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में मशीनें भेजकर मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्यों में बड़ी चुनौती बनी हुई है।
अब बात उत्तर प्रदेश की। राज्य के कई जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। गंगा और अन्य नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वाराणसी समेत कई धार्मिक स्थलों पर घाट पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं। कई मंदिरों में पानी घुस गया है और कुछ स्थानों पर शिवलिंग भी जलमग्न हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार पिछले दो दिनों में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा है और हर घंटे इसमें बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

कानपुर में भी भारी बारिश के कारण सड़कें तालाब में बदल गई हैं। कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ। वाहन रेंगते हुए नजर आए और लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि थोड़ी ही देर की बारिश में कई इलाके जलमग्न हो गए।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रह सकती है। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे नदी-नालों के आसपास जाने से बचें, पहाड़ी इलाकों में अनावश्यक यात्रा न करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

फिलहाल राहत एजेंसियां, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना लगातार प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। उम्मीद है कि मौसम में सुधार के साथ हालात सामान्य होंगे, लेकिन फिलहाल देश के कई हिस्सों में मानसून का कहर लोगों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।






