उत्तरांचल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में अनोखे रंग, नाती पोतों के साथ डिग्री लेने पहुंचे बुजुर्ग स्टूडेन्ट, 2361 छात्रों को मिलीं डिग्री
देहरादून- देहरादून में आयोजित उत्तरांचल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह ने इस बार भावनाओं, खुशी और उम्मीदों से भरे अनोखे रंग बिखेर दिए। सेंटर फॉर ऑनलाइन और डिस्टेंस एजुकेशन से पढ़ने वाले 2025 बैच के कुल 2361 छात्रों ने स्वामी विवेकानंद ऑडिटोरियम में अपनी डिग्रियां प्राप्त कीं। इनमें एमबीए के 1538 और एमसीए के 828 छात्र शामिल थे। डिग्री के साथ साथ विश्वविद्यालय ने आजीवन प्लेसमेंट सहायता देने वाला एक नया ऐप भी लॉन्च किया, जिससे छात्रों को आगे की नौकरी तलाश में बड़ी मदद मिलेगी। आयोजन की सबसे खास बात थी कि ऐसे कई बुजुर्ग छात्र भी अपने नाती पोतों के साथ पहुंचे,
जिन्होंने ऑनलाइन डिग्री ली है। किसी ने गोद में छोटे बच्चे को संभालते हुए डिग्री ली और किसी ने चलने में सहारा लेकर मंच तक पहुंच कर डिग्री ग्रहण की।
समारोह की शुरुआत पारंपरिक दीक्षा परेड के साथ हुई, जिसका नेतृत्व रजिस्ट्रार डॉ. अनुज राणा ने किया। देश के अलग अलग राज्यों के छात्र गर्व और उत्साह के साथ मंच पर पहुंचे और डिग्री प्राप्त करते समय उनकी आंखों में भविष्य के सपने साफ झलक रहे थे।
लेकिन इस पूरे आयोजन की सबसे खास छवि थी उन वरिष्ठ छात्रों की, जिन्होंने साबित कर दिया कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। कई बुजुर्ग छात्र अपने नाती पोतों के साथ पहुंचे, किसी ने गोद में छोटे बच्चे को संभालते हुए डिग्री ली और किसी ने चलने में सहारा लेकर मंच तक पहुंच कर डिग्री ग्रहण की। 71 वर्ष तक के वरिष्ठ छात्र मंच पर आए, जिनके चेहरे पर गर्व और खुशी साफ झलक रही थी। यह दृश्य देखकर पूरा ऑडिटोरियम तालियों से गूंज उठा और वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें चमक उठीं।
विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जितेंद्र जोशी ने सभी छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह दिन केवल डिग्री लेने का दिन नहीं है बल्कि यह अपने परिश्रम और जुनून का उत्सव है। उन्होंने छात्रों से कहा कि मेहनत करना कभी न छोड़ें और चुनौतियों का साहस के साथ सामना करते हुए अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ते रहें।
कुलपति प्रो. धर्मबुद्धि ने बताया कि वर्ष 2021 में स्थापित इस सेंटर में आज 13 हजार से अधिक छात्र बीबीए, एमबीए, बीसीए, एमसीए और बीए जैसे कोर्स कर रहे हैं। उनका कहना था कि आने वाले समय में यह केंद्र और भी अधिक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा।
उपाध्यक्ष अंकिता जोशी ने बताया कि ऑनलाइन शिक्षा आज के समय की जरूरत बन चुकी है। एआई, टेक्नोलॉजी और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दौर में ऑनलाइन शिक्षा लोगों को समय का सही उपयोग करने और खुद को बेहतर बनाने का मौका देती है। यह उन सभी लोगों के लिए अवसर का नया द्वार खोलती है जो नौकरी, परिवार या दूरी के कारण नियमित कॉलेज नहीं जा पाते।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कई अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे। पूरा समारोह इस बात का प्रतीक रहा कि अगर इच्छा मजबूत हो तो उम्र, परिस्थिति और दूरी कभी भी सीखने की राह नहीं रोक सकते। उत्तरांचल विश्वविद्यालय का यह दीक्षा समारोह उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा बन गया, जो कभी भी यह सोचकर पढ़ाई छोड़ देते हैं कि अब देर हो चुकी है। यहां मौजूद हर उम्र के छात्रों ने साबित किया कि सीखना जीवन भर जारी रहने वाली प्रक्रिया है और शिक्षा से बड़ा कोई उपहार नहीं।






