IMA की पासिंग आउट परेड की धूम, 525 कैडेट्स को सेना में कमीशन, थल सेना प्रमुख ने दिया संदेश
देहरादून – देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी ( IMA) के ऐतिहासिक ड्रिल स्क्वायर में शनिवार को 157वीं पासिंग आउट परेड का भव्य आयोजन किया गया। सुबह की हल्की ठंड और अनुशासनबद्ध कदमों की गूंज के बीच वह पल आया, जब सैकड़ों अधिकारी कैडेट्स ने भारतीय सेना में शामिल होकर अपने सपनों को हकीकत में बदला। यह केवल एक परेड नहीं थी, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और त्याग का उत्सव था, जिसे देखने के लिए परिजन, मित्र और देश के कई विशिष्ट अतिथि मौजूद थे।
इस पासिंग आउट परेड में कुल 525 अधिकारी कैडेट्स को सेना में कमीशन दिया गया। इनमें 157वें रेगुलर कोर्स, 46वें टेक्निकल एंट्री स्कीम, 140वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स, 55वें स्पेशल कमीशंड ऑफिसर्स कोर्स और टेरिटोरियल आर्मी ऑनलाइन एंट्रेंस परीक्षा 2023 के कैडेट्स शामिल थे। इसके साथ ही 14 मित्र देशों के 34 विदेशी अधिकारी कैडेट्स ने भी प्रशिक्षण पूरा कर अपने-अपने देशों की सेनाओं में सेवा के लिए कदम बढ़ाया। यह दृश्य भारतीय सैन्य अकादमी की अंतरराष्ट्रीय पहचान और भरोसे को भी दर्शाता है।

इस गरिमामय अवसर पर थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने परेड की समीक्षा की और प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी कैडेट्स को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सेना में कमीशन मिलना गर्व की बात है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने नए अधिकारियों से कहा कि सैन्य सेवा सिर्फ नौकरी नहीं है, बल्कि यह देश के लिए जीने और जरूरत पड़ने पर सर्वोच्च बलिदान देने का संकल्प है। अकादमी से बाहर निकलने के बाद हर कदम पर मार्गदर्शक नहीं होगा, लेकिन तब आपके कंधों पर जवानों की जान, सीमाओं की सुरक्षा और देश की उम्मीदें होंगी।
थल सेना प्रमुख ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि एक अधिकारी का आचरण, उसका अनुशासन और उसके फैसले समाज के लिए उदाहरण बनते हैं। देश आपको एक आदर्श के रूप में देखता है, इसलिए आपके हर कार्य में ईमानदारी, कर्तव्य और राष्ट्र के प्रति निष्ठा साफ झलकनी चाहिए। उन्होंने कैडेट्स से आग्रह किया कि वे सेवा, समर्पण और नेतृत्व के मूल्यों को जीवन भर अपने साथ रखें।

परेड का सबसे भावुक क्षण पारंपरिक अंतिम पग के समय देखने को मिला, जब कैडेट्स ने अकादमी को अलविदा कहा और देश सेवा के नए सफर की शुरुआत की। दर्शक दीर्घा में बैठे माता-पिता और परिजनों की आंखों में गर्व और खुशी साफ नजर आ रही थी। कई परिवारों के लिए यह पल वर्षों की तपस्या का फल था।
समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को पुरस्कार भी दिए गए। स्वॉर्ड ऑफ ऑनर और स्वर्ण पदक एसीए निश्कल द्विवेदी को प्रदान किया गया। रजत पदक बीयूओ बादल यादव और कांस्य पदक एसयूओ कमलजीत सिंह को मिला। टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स में प्रथम स्थान के लिए ऑफिसर कैडेट जाधव सुजीत संपत और टेक्निकल एंट्री स्कीम 46 में प्रथम स्थान के लिए डब्ल्यूसीसी अभिनव मेहरोत्रा को रजत पदक दिया गया। स्पेशल कमीशन ऑफिसर्स कोर्स का रजत पदक ऑफिसर कैडेट सुनील कुमार छेत्री को मिला। विदेशी कैडेट्स में मेरिट में पहला स्थान बांग्लादेश के जेयूओ मोहम्मद सफीन अशरफ ने हासिल किया। ऑटम टर्म 2025 में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए इम्फाल कंपनी को थल सेना प्रमुख बैनर से सम्मानित किया गया।
157वीं पासिंग आउट परेड के साथ भारतीय सैन्य अकादमी ने एक बार फिर यह साबित किया कि वह न केवल कुशल सैनिक, बल्कि जिम्मेदार और संवेदनशील नेतृत्व तैयार करने की अपनी परंपरा को मजबूती से आगे बढ़ा रही है। देश को आज फिर नए कंधे मिले हैं, जिन पर भविष्य की सुरक्षा और सम्मान की जिम्मेदारी होगी।






