पौड़ी गढ़वाल में बड़ा हादसा: बूंखाल मेले से लौटते श्रद्धालुओं की गाड़ी खाई में गिरी, दो की मौत—चार गंभीर
पौड़ी गढ़वाल- यहां शांत वादियों में रविवार की शाम एक दर्दनाक हादसे की खबर ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। थलीसैंण ब्लॉक की टीला रोड पर श्रद्धालुओं से भरा एक वाहन अचानक बेकाबू होकर गहरी खाई में जा गिरा। स्योली के पास हुए इस हादसे में 2 दोस्तों की मौत हो गई, जबकि 4 का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
स्थानीय लोग बताते हैं कि स्योली के पास यह रास्ता बेहद घुमावदार और संकरा है, जहाँ जरा-सी चूक भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। हादसा उस समय हुआ जब पाबौ ब्लॉक स्थित प्रसिद्ध बूंखाल कालिंका देवी मंदिर के वार्षिक मेले से लौट रहे 6 दोस्त टीला गांव के करीब पहुँचे। यह मेला स्थानीय परंपरा और आस्था का केंद्र है। दूर-दूर के ग्रामीण हर वर्ष माता के दर्शन करने आते हैं। लेकिन इस बार घर वापसी की यात्रा उनके लिए विनाशकारी साबित हुई। वाहन गहरी खाई में गिरा तो चीख-पुकार मच गई। दो दोस्तों की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई, जबकि 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुँचे। अंधेरा घिर रहा था, रास्ता कठिन था, लेकिन सभी ने मिलकर घायलों को ऊपर लाने का प्रयास किया। तीनों घायल श्रद्धालुओं की स्थिति गंभीर देखने पर उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया।
मृतकों की पहचान वीरेंद्र पुत्र सरदार सिंह, उम्र 23 वर्ष, और संतोष सिंह पुत्र रघुवीर सिंह, उम्र 35 वर्ष, दोनों निवासी ग्राम टीला, पैठाणी, के रूप में हुई है। इन दोनों का परिवार हादसे की खबर सुनते ही शोक में डूब गया। गांव में मातम पसरा हुआ है, क्योंकि पहाड़ों में हर परिवार किसी न किसी रूप में एक-दूसरे से जुड़ा होता है। ऐसी घटनाएँ पूरे समुदाय को भीतर तक हिला देती हैं।
घायलों में सोहन सिंह पुत्र मदन सिंह, उम्र 32 वर्ष, ग्राम टीला थाना पैठानी; वीरेंद्र सिंह पुत्र दिलीप सिंह, उम्र 25 वर्ष, ग्राम संखरोडी, रुद्रप्रयाग; और सिताब सिंह पुत्र मदन सिंह, उम्र 31 वर्ष, ग्राम संखरोडी, रुद्रप्रयाग शामिल हैं। घायलों के परिवारजन भी ऋकिकेश
एम्स पहुँचे हैं और लगातार उनके स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं।
टीला रोड समेत कई ग्रामीण मार्ग लंबे समय से सुधार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आए दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाएँ इस क्षेत्र के लिए चिंता का विषय हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मेले–त्यौहारों के समय सुरक्षा व्यवस्था और सड़क निरीक्षण को और मजबूत किए जाने की जरूरत है।






