देहरादून में होमगार्ड्स स्थापना दिवस: अनुशासन, सेवा और सम्मान का भव्य उत्सव
देहरादून में आज की सुबह कुछ खास थी। शहर के परेड ग्राउंड में कदमों की गूंज, अनुशासन की लय और देशसेवा के गर्व से भरे चेहरे दिख रहे थे। अवसर था होमगार्ड्स और नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस का, जहां उत्तराखंड के इन अनदेखे नायकों को सम्मानित करने के लिए एक भव्य रैतिक परेड आयोजित की गई। मुख्यमंत्री धामी इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे और उन्होंने परेड का निरीक्षण कर जवानों का उत्साह बढ़ाया।
परेड के बाद विभाग की वार्षिक स्मारिका और कैलेंडर का विमोचन किया गया। यह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि होमगार्ड्स के समर्पण, संघर्ष और सेवा-भावना को सलाम करने का अवसर था। कार्यक्रम में दिवंगत होमगार्ड स्वयंसेवकों के परिवारों को कल्याण कोष से आर्थिक सहायता के चेक भी प्रदान किए गए। कई परिवारों की आंखों में आंसू थे, पर उन्हें अंदर से गर्व भी था कि उन्होने अपने प्रदेश कि सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि होमगार्ड्स का वर्दी भत्ता बढ़ाया जाएगा। साथ ही अंतरजनपदीय ड्यूटी पर तैनात स्वयंसेवकों का भोजन भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रतिदिन किया जा रहा है। नागरिक सुरक्षा संगठन के स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण भत्ते को भी 50 रुपये से बढ़ाकर 140 रुपये रोजाना किया जाएगा। ये घोषणाएँ उन हजारों होमगार्ड्स के लिए राहत और सम्मान दोनों लेकर आई हैं, जो सालों से सीमित संसाधनों में भी अपना बेस्ट देते आए हैं।

पिछले वर्षों में होमगार्ड्स की भूमिका और जिम्मेदारियाँ लगातार बढ़ी हैं। चाहे देहरादून और हरिद्वार का भारी यातायात नियंत्रण हो, चारधाम यात्रा की चुनौतीपूर्ण परिस्थिति, कांवड़ यात्रा का विशाल प्रबंधन या फिर कुंभ जैसे विश्वस्तरीय आयोजन—हर जगह होमगार्ड्स ने बिना थके, बिना रुके, जनता की सेवा की है। पहाड़ों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी ये जवान पुलिस बल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जनता की सुरक्षा का दायित्व निभाते हैं।
प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में पुलिस बल के साथ-साथ होमगार्ड्स स्वयंसेवकों की भूमिका बेहद अहम है। चाहे यातायात प्रबंधन हो या कांवड़ मेला, चारधाम यात्रा और कुंभ जैसे बड़े आयोजनों में भीड़ नियंत्रण, हर चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में होमगार्ड्स ने जनसेवा को सर्वोपरि रखते हुए अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया है। कई स्वयंसेवक बताते हैं कि इस सेवा के पीछे उनका प्रेरणा-स्त्रोत केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि प्रदेश के प्रति गर्व और लगाव है। हर आपदा, हर भीड़भाड़ वाले आयोजन और हर संकट के समय होमगार्ड्स सबसे पहले खड़े दिखाई देते हैं। वे उस व्यवस्था का हिस्सा हैं जो दिखाई कम देती है, पर सशक्त रूप से काम करती रहती है। कार्यक्रम में विधायक खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल और ऋषिकेश के मेयर शंभू पासवान भी मौजूद थे। उनकी उपस्थिति ने इस समारोह को और गरिमामय बनाया।






