सरकारी राशन की सारी धांधली खत्म, घर बैठे होगी केवाईसी, आराम से मिलेगा राशन
देहरादून- खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और सरल बनाने की दिशा में उत्तराखंड सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य के 54 लाख से अधिक राशन कार्डधारकों को अब ई-केवाईसी कराने के लिए राशन डीलर की दुकान तक जाने की मजबूरी नहीं रहेगी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के लिए एनआईसी देहरादून द्वारा तैयार किया गया नया मोबाइल ऐप अब अपने अंतिम चरण में है और इसे जल्द से जल्द आम लोगों के लिए जारी किया जा सकता है। इस ऐप की मदद से राशन कार्डधारक घर बैठे ही अपनी ई केवाईसी पूरी कर सकेंगे।
देशभर में फर्जी राशन कार्डों को हटाने और सही लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए ई केवाईसी अनिवार्य की गई है। राज्य के 13 जिलों में कुल 95 लाख से अधिक लाभार्थी पंजीकृत हैं, लेकिन अब तक लगभग 41 लाख लोगों ने ही अपनी ई केवाईसी कराई है। इसका मतलब है कि 54 लाख से अधिक लोग अभी इस प्रक्रिया से बाहर हैं। अब तक ई केवाईसी केवल राशन दुकानों पर लगी ई पॉस मशीनों के जरिए ही हो पा रही थी। इससे खासकर बुजुर्गों, बीमार लोगों, दिव्यांगों और कामकाजी नागरिकों को लंबी कतारों में लगना पड़ रहा था और कई बार बार बार चक्कर भी काटने पड़ते थे।
नया मोबाइल ऐप इन सभी परेशानियों का समाधान लेकर आ रहा है। ऐप के लॉन्च होते ही राशन कार्डधारक अपने मोबाइल फोन से ही पहचान सत्यापन कर सकेंगे। इससे न केवल आम जनता को राहत मिलेगी, बल्कि राशन डीलरों और विभागीय कर्मचारियों का काम भी काफी आसान हो जाएगा। अब दुकानों पर भीड़ कम होगी और व्यवस्था ज्यादा सुचारू ढंग से चलेगी।
इस ऐप की सबसे खास बात यह है कि इसमें नई और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। अब तक पहचान के लिए अंगूठे या उंगली के निशान का उपयोग किया जाता था, लेकिन नए ऐप में आंखों की पुतली यानी आइरिस स्कैन तकनीक शामिल की गई है। यह तरीका अधिक सटीक और भरोसेमंद माना जाता है और इसमें गलती की संभावना भी कम रहती है।
ई केवाईसी के साथ साथ यह ऐप राशन कार्डधारकों को कई अतिरिक्त जानकारियां भी देगा। उपभोक्ता ऐप पर यह देख सकेंगे कि उन्होंने साल भर में कितना राशन लिया है, कितना राशन अभी बचा है, परिवार में कितने सदस्य दर्ज हैं और उनकी राशन दुकान कौन सी है। राशन वितरण का पूरा रिकॉर्ड भी मोबाइल पर ही उपलब्ध रहेगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश कम होगी।
खाद्य आपूर्ति विभाग के अपर आयुक्त पी एस पांगती ने बताया कि ऐप लगभग पूरी तरह तैयार है और इसे बहुत जल्द लॉन्च कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद लोगों को ई केवाईसी के लिए राशन डीलर के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और पूरी प्रक्रिया घर बैठे पूरी हो सकेगी। यह पहल न सिर्फ लोगों का समय बचाएगी, बल्कि राशन व्यवस्था को और मजबूत और भरोसेमंद बनाने में भी मदद करेगी।
सरकार की यह नई पहल उन लाखों परिवारों के लिए राहत लेकर आ रही है, जिनके लिए हर महीने राशन एक बड़ी जरूरत है। तकनीक के सहारे अब सुविधा, पारदर्शिता और सम्मान तीनों एक साथ आम लोगों तक पहुंचने वाले हैं।






