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Almora Woman – अल्मोड़ा के आश्रम की महिला डिजिटल अरेस्ट, बैंक खाते से एक करोड़ 20 लाख उड़ गए

रुद्रपुर। अल्मोड़ा की एक महिला साइबर ठगों के जाल में फंस गई। खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाले ठगों ने महिला को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया और उसके बैंक खाते से एक करोड़ बीस लाख से ज्यादा की रकम उड़ा ली। मामला सामने आने के बाद साइबर क्राइम थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पीड़ित महिला अल्मोड़ा के एक आश्रम से जुड़ी हुई है। उसने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं रुद्रपुर में दी गई शिकायत में बताया कि 11 दिसंबर 2025 को उसके मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को टेलीकॉम विभाग से जुड़ा अधिकारी बताया। उसने कहा कि महिला के बैंक खाते में पांच हजार से ज्यादा बार संदिग्ध लेनदेन हुआ है और इस मामले में कई मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। अचानक ऐसी बात सुनकर महिला घबरा गई। ठगों ने डर का माहौल बनाते हुए कहा कि अगर उसने उनके बताए अनुसार काम नहीं किया तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। इसी डर में महिला उनकी हर बात मानने लगी। ठगों ने 11 दिसंबर से लेकर 6 जनवरी तक लगातार फोन कर महिला को किसी से भी बात न करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि महिला डिजिटल अरेस्ट में है और जांच पूरी होने तक उसे किसी से संपर्क करने की इजाजत नहीं है। ठग बार बार यह कहते रहे कि उसके खिलाफ हजारों मामले दर्ज हो चुके हैं और वह बड़ी मुसीबत में फंस सकती है। डर और दबाव के बीच ठगों ने महिला से कहा कि जांच के नाम पर उसके बैंक खाते में मौजूद सारी रकम एक खास सीक्रेट सुपरविजन खाते में जमा करनी होगी। उन्होंने यह खाता आईसीआईसीआई बैंक का बताया और भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद सारी रकम वापस कर दी जाएगी। महिला उनकी बातों में आ गई। 31 दिसंबर 2025 को उसने अपने एचडीएफसी बैंक खाते से एक करोड़ बीस लाख अठारह हजार रुपये उस बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए। पैसे ट्रांसफर होने के बाद भी ठग लगातार फोन करते रहे। कुछ समय बाद महिला को शक हुआ। उसने जब अपने स्तर पर जानकारी जुटाई तो पता चला कि उसे डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठगी की गई है। इसके बाद महिला ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। साइबर क्राइम पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और बैंक खातों व कॉल डिटेल की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि यह डिजिटल अरेस्ट के नाम पर की गई ठगी का गंभीर मामला है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी इस तरह फोन या व्हाट्सएप कॉल करके डिजिटल अरेस्ट नहीं करती। किसी भी तरह का डर दिखाकर पैसे मांगने वाले कॉल से सावधान रहें और तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें। थोड़ी सी सतर्कता बड़ी ठगी से बचा सकती है।

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