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Rudaki – रुड़की में बेकाबू कार पेड़ से टकराई, बीजेपी के सीनियर लीडर अमित सैनी की मौत

रुड़की – हरिद्वार जिले के रुड़की क्षेत्र में हुए एक सड़क हादसे में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अमित सैनी की जान चली गई। यह हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस खबर से न सिर्फ उनके परिवार में बल्कि पूरे राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।
मिली जानकारी के अनुसार भाजपा ओबीसी मोर्चा के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष अमित सैनी एक जनवरी की देर रात किसी निजी काम से रुड़की आए थे। काम निपटाने के बाद वह अपनी कार से घर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी कार रुड़की धनौरी मार्ग पर दो सड़कों के बीच वाले हिस्से में पहुंची, तभी अचानक गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और कार सड़क किनारे खड़े एक पेड़ से जा टकराई।
टक्कर इतनी तेज थी कि कार पूरी तरह टूट गई। हादसे के वक्त सड़क पर सन्नाटा था। आसपास से गुजर रहे कुछ लोगों ने जब क्षतिग्रस्त कार को देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और देखा कि अमित सैनी की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
सूचना मिलने पर पिरान कलियर थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को कार से बाहर निकाला और जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए रुड़की के सिविल अस्पताल भेजा। साथ ही हादसे की जानकारी अमित सैनी के परिवार को भी दी गई। जैसे ही यह खबर परिजनों तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। परिवार के लोग गहरे सदमे में हैं।
पिरान कलियर थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र कुमार ने बताया कि उन्हें देर रात सड़क हादसे की सूचना मिली थी। जांच में सामने आया है कि हादसा कार के बेकाबू होने की वजह से हुआ। उन्होंने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर दिया गया है और पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पुलिस हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
अमित सैनी की गिनती भाजपा के सक्रिय और जमीनी नेताओं में होती थी। पार्टी संगठन में उन्होंने लंबे समय तक काम किया और ओबीसी समाज के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती थी। उनकी अचानक मौत की खबर से पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में गहरा दुख है। कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया के जरिए शोक जताया और इसे पार्टी के लिए बड़ी क्षति बताया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रुड़की धनौरी मार्ग पर रात के समय तेज रफ्तार और कम रोशनी के कारण पहले भी हादसे होते रहे हैं। ऐसे में एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि सड़क सुरक्षा को लेकर और ठोस कदम उठाने की जरूरत है, ताकि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
यह हादसा नए साल की खुशियों के बीच एक गहरी उदासी छोड़ गया है। एक सक्रिय नेता का इस तरह अचानक चले जाना कई परिवारों और लोगों के लिए अपूरणीय क्षति है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरा इलाका इस हादसे से स्तब्ध है और लोग दिवंगत नेता को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

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