Uttarakhand Niti Ghati – उत्तराखंड के नीती घाटी में साल की पहली बर्फबारी, सैलानियों के चेहरे खिले
चमोली – उत्तराखंड में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार सीजन की पहली बर्फबारी शुरू हो गई है। चमोली जिले की नीती घाटी में साल की पहली बर्फबारी देखने को मिली है। भारत चीन सीमा के पास बसी इस घाटी से बर्फ से ढके पहाड़ों और जमीन की खूबसूरत तस्वीरें सामने आई हैं। इस बर्फबारी ने न सिर्फ मौसम का मिजाज बदला है, बल्कि लोगों के चेहरों पर भी मुस्कान लौटा दी है। पिछले कई हफ्तों से उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का इंतजार किया जा रहा था। नए साल की शुरुआत के बाद भी मौसम साफ और सूखा बना हुआ था। चमोली जिले में एक जनवरी से आसमान में बादल तो छाए रहे, लेकिन बर्फ या बारिश नहीं हो रही थी। पर्यटक पहाड़ों की ओर तो पहुंचे, मगर बर्फ न मिलने से निराश होकर लौटते दिखे। ऐसे में नीती घाटी में हुई पहली बर्फबारी को पूरे प्रदेश के लिए अच्छे संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। नीती घाटी में हुई इस बर्फबारी से उम्मीद जगी है कि आने वाले दिनों में उत्तराखंड के अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में भी बर्फ गिर सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सीमा से लगे इलाकों में बर्फ पड़ती है, तो उसके बाद ऊंचे पहाड़ों और पर्यटन स्थलों पर भी मौसम करवट लेने लगता है। इस साल बर्फबारी और बारिश न होने से उत्तराखंड में कई तरह की परेशानियां बढ़ गई थीं। मौसम लगातार सूखा बना हुआ था, जिससे जंगलों में आग लगने का खतरा बढ़ गया था। कई इलाकों में वन विभाग पहले से ही अलर्ट पर था।

खेतों में भी नमी की कमी साफ नजर आने लगी थी। बारिश न होने से फसलों पर असर पड़ा और किसान चिंतित नजर आए। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में गेहूं और अन्य रबी फसलों के लिए पानी की कमी एक बड़ी समस्या बन गई थी। बर्फबारी न होने का असर जंगलों और वन्यजीवों पर भी पड़ा। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ न जमी तो जंगली जानवर नीचे की ओर आने लगे। भालू और तेंदुए कई बार गांवों और कस्बों के पास देखे गए। इससे ग्रामीण इलाकों में डर का माहौल बना रहा। लोगों का कहना है कि जब पहाड़ों में बर्फ पड़ती है, तो जानवर अपने प्राकृतिक इलाकों में ही रहते हैं। पर्यटन कारोबार भी इस बार मौसम की बेरुखी से प्रभावित रहा। उत्तराखंड के मशहूर पर्यटन स्थल औली और आसपास के ऊंचे इलाके सूने पड़े रहे। आमतौर पर दिसंबर और जनवरी में यहां बर्फ की मोटी चादर बिछ जाती है और बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचते हैं। लेकिन इस बार बर्फ न गिरने से होटल, गाइड और टैक्सी से जुड़े लोग मायूस रहे। चमोली के पर्यटन कारोबारियों को उम्मीद है कि नीती घाटी में हुई बर्फबारी के बाद औली और आसपास के इलाकों में भी बर्फ गिरेगी और पर्यटकों की रौनक लौटेगी। नीती घाटी में जैसे ही बर्फ गिरी, वहां मौजूद लोगों और पर्यटकों के चेहरे खिल उठे। सफेद बर्फ से ढके पहाड़, ठंडी हवा और शांत माहौल ने घाटी की खूबसूरती और बढ़ा दी। लोगों ने बर्फबारी के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं, जो देखते ही देखते वायरल होने लगीं। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी ठंड उतनी ज्यादा नहीं बढ़ी है, जितनी आमतौर पर इस समय होती है। पहाड़ी इलाकों में ठंड तो है, लेकिन वह सूखी ठंड है। लोगों को उम्मीद है कि अगर आने वाले दिनों में अच्छी बारिश और बर्फबारी हुई, तो मौसम संतुलित होगा और ठंड भी सामान्य रूप से महसूस होगी। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो सूखी ठंड आगे भी परेशानी बढ़ा सकती है। कुल मिलाकर नीती घाटी में हुई सीजन की पहली बर्फबारी ने उत्तराखंड में मौसम के बदले मिजाज की उम्मीद जगा दी है। किसान, पर्यटक और स्थानीय लोग अब आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। सबकी यही कामना है कि आने वाले दिनों में पहाड़ों पर अच्छी बर्फबारी हो, ताकि प्रकृति का संतुलन बना रहे और लोगों की परेशानियां कुछ कम हो सकें।






